Wednesday, 29 April 2015

मौत ने जिंदगी से कहा


मौत ने जिंदगी से कहा


आ खेल दिखाती हूं तुझे अपना


जिंदगी मुस्कुराई और कहा


मौत तेरा ये खेल नया नहीं


इंसान तेरे डर से कभी रुका नहीं


तू रोकती जा..मैं चलती जाउंगी


तू रूलाती जा...मैं फिर से मुस्कुराऊंगी


                              ज्योति सिंह

No comments:

Post a Comment

जिंदगी 'लॉकडाउन'

जिंदगी 'लॉकडाउन' सड़के विरान हो गईं गलियां सुनसान हो गईं भाग-दौड़ रही थी जिंदगी अचानक रफ्तार पर लगाम लग गई कैद हो गए अपने ही...