भावनाओ का जाल है फैला
कोई छीपाये..कोई दिखाए
अंदर जाने क्या क्या समाए
एक मुखौटा सबके चेहरे पर
सच्चा, झूठा, असली,नकली
कौन सा मेरा कौन सा तेरा
ये किसको कौन बताए...
ज्योति सिंह
कोई छीपाये..कोई दिखाए
अंदर जाने क्या क्या समाए
एक मुखौटा सबके चेहरे पर
सच्चा, झूठा, असली,नकली
कौन सा मेरा कौन सा तेरा
ये किसको कौन बताए...
ज्योति सिंह
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