साँस लेने की फुरसत भी महँगी हो गई
कोई दो वक्त का सुकून तो खरीद लाओ
ज्योति सिंह
कोई दो वक्त का सुकून तो खरीद लाओ
ज्योति सिंह
जिंदगी 'लॉकडाउन' सड़के विरान हो गईं गलियां सुनसान हो गईं भाग-दौड़ रही थी जिंदगी अचानक रफ्तार पर लगाम लग गई कैद हो गए अपने ही...
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