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जिंदगी 'लॉकडाउन'
जिंदगी 'लॉकडाउन' सड़के विरान हो गईं गलियां सुनसान हो गईं भाग-दौड़ रही थी जिंदगी अचानक रफ्तार पर लगाम लग गई कैद हो गए अपने ही...
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ये शहर अपना तो नहीं.... लोगों को पहचानने की कोशिश है बाशिंदे हम यहां के तो नहीं..... मिट्टी में आंगन की खुशबु ढूंढने की कोशिश है परिं...
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जिंदगी 'लॉकडाउन' सड़के विरान हो गईं गलियां सुनसान हो गईं भाग-दौड़ रही थी जिंदगी अचानक रफ्तार पर लगाम लग गई कैद हो गए अपने ही...
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बारिश आते ही मन कचोटने लगता की कहीं सामने रहने वाले बच्चे पहले अपनी नाव पानी में ना उतार दें....असली नाव नहीं कागज की नाव...चप्पलो...
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