स्याही जो होती खुशी...
खुशनुमा जिंदगी का हर पन्ना होता..
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मुस्कुराहट जो होती कलम..
मुस्कुराहट जो होती कलम..
हर लफ्ज पर सिर्फ हंसी का पहरा होता..
जिंदगी 'लॉकडाउन' सड़के विरान हो गईं गलियां सुनसान हो गईं भाग-दौड़ रही थी जिंदगी अचानक रफ्तार पर लगाम लग गई कैद हो गए अपने ही...
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